Who did the Ram temple of Ayodhya - DHARMS INFORMATION

Breaking

October 16, 2020

Who did the Ram temple of Ayodhya



मित्रों अयोध्या की राम मंदिर के विषय में इतिहास पढ़ने के बाद ही पता चल सकता है की राम मंदिर किसने बनाया और कौन राजा था?  पर कुछ इतिहास है जो अधूरा है उसमें कुछ लिखा ही नहीं गया है  उस वक्त लिखने के लिए कोई था ही नहीं है  कैसे लिखेंगे  आज उसकी उदाहरण हम दे रहा हूं  यही राम मंदिर के विषय में ।  हमें इतिहास पढ़ने के बाद जो समझ में आ रहे हैं आज हम आप लोगों से साझा कर रहा हूं ।

रामायण के रचयिता ऋषि बाल्मीकि थे उन्होंने संस्कृति भाषा में लिखे थे ।
पूरे दुनिया में तब एक ही भाषा प्रचलित थी संस्कृति भाषा दूसरा और कोई भाषा नहीं था ।
धीरे-धीरे दिन बीत गया और इंसान की रहन-सहन भाषा परिवर्तन होते गया ।
रामायण कई भाषा में लिखा गया है हिंदी अंग्रेजी मराठी बंगाली .
रामायण मैं यह भी लिखा गया है कि विष्णु के अवतार ही राम है और राम जन्म लेने की एक ही उद्देश्य थे कि मानव जाति की कल्याण हो । 

ऋषि बाल्मीकि मुनि ने  रामायण के शेष भाग पर असंपूर्ण लिखकर गया है, वाल्मीकि ऋषि ने रामायण के आखिरी शब्द असमाप्त इसलिए लिखकर गया था ताकि उनकी भी इस पृथ्वी भी लोक से जाने की समय हो चुका था । उसके बाद दूसरा कोई नहीं लिखा वही आखिर तक अधूरा रामायण रह गया जोकि लव कुश के बाद उसमें और कोई भी कहानी लिखा नहीं गया है ।
राम जाने के बाद अयोध्या में लव कुश को राज्य चलाने के लिए सौंपा था । 

लेकिन आज जब राम मंदिर की बात आ रहे हैं 
हमारे मन के अंदर सवाल पैदा कर रहे हैं कि राम मंदिर सर्वप्रथम किसने निर्माण किया था ? 

दरअसल इतिहास में जो पाया गया है राजा विक्रमादित्य उन्होंने जिस वक्त राजपाट चला रहे थे  उस समय अयोध्या राम की जन्म स्थान को कुछ चमत्कार देखा और फिर उन्होंने सुंदर करके बनाया था । 
वह राम की जन्म स्थान है वह कोई मंदिर नहीं था पर अयोध्या में जब विक्रमादित्य शासन कर रहे थे तभी उन्होंने मंदिर जैसे बनवा कर उन्हें पूजा अर्चना करने लगे थे ।
परंतु आज लोग कहते हैं कि यह राम मंदिर है मंदिर कहना भी सही है कोई गलत नहीं है परंतु उसके असलियत तो यह है कि राम कि वह जन्म स्थान है राजा दशरथ की जन्म स्थान है जबकि राम की पिता थे । आप उन्हीं लोगों की जगह की निर्माण किसने किया था क्या ऐसा कोई बता सकता है ?

हिंदू धर्म में राम को भगवान मानते हैं और उनकी जन्म स्थान को ही मंदिर कहने लगा परंतु राम की वह मंदिर नहीं है वह जन्म स्थान हैं जो कि सभी लोग उन्हें मंदिर कहने में गर्व महसूस करते हैं ।

शायद आपको भी इस बात को अनुमान लग गया होगा कि राम की जन्मभूमि उनके पिता दशरथ ही होगा जो जन्म स्थान की निर्माण किया होगा ।
और इसीलिए किसी भी इतिहास में लिखा नहीं गया है कि राम मंदिर कि निर्माण किसने किया !
 एकमात्र राजा विक्रमादित्य ही राम की उस जगह को मंदिर जैसी बना कर पूजा अर्चना करने लगे थे ,और तभी से आज तक उसे राम कि मंदिर प्रचलित है ।
यदि आपको हमारे इस बात की सही लगे तो कृपया करके कमेंट करके जरूर बताइएगा