भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने का सरल मंत्र

Ganesha bhagwan


 हेलो दोस्तों नमस्कार मैं फिर से एक नया जानकारी लेकर हाजिर हूं आपके सामने मित्रों पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान गणेश बहुत बुद्धिमान और चतुर भी है अपने भक्तों के कोई भी संकट आने से दूर कर देते हैं ।


वर्तमान युग में मंत्र तंत्र की बहुत लोग ऐसे हैं कि इस पर विश्वास नहीं करते है दिन बदलते जा रहे हैं और इंसान की सोच बदलते जा रहे हैं । इंसान धीरे-धीरे ऐसे जगह पर जा रहे हैं जहां ईश्वर नजर ही नहीं आ रहे हैं भले ही हम ईश्वर की बंदा है मगर उनकी स्मरण करना बहुत कम लोगों के अंदर हो रहे हैं । पहले युग में ईश्वर पे आदमी विश्वास करते थे अपने संकट को दूर करने के लिए ईश्वर को प्राप्त करने की प्रयास करते थे ।

तो चलिए जो लोग अपने ईश्वर प्रति भक्ति और श्रद्धा अभी भी रखे हुए हैं आज उन्हीं लोगों के लिए यह मंत्रों बताने जा रहा हूं जहां उनके लिए भगवान गणेश जी को आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं ।


मित्रों मंत्र तंत्र एक ऐसा विधि है जहां आप अपने भक्ति के साथ करना चाहिए ऐसा नहीं कि आप मंत्रों बोल रहे हैं और मन है दूसरा कहीं और जगह पे हैं , ऐसे करने में कोई देवी देवता प्रसन्न नहीं होती है इसलिए पहले अपने भक्ति और श्रद्धा रखना चाहिए हम सभी इंसानों को ।

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भगवान गणेश किसी के भी विघ्नों को दूर करने में सक्षम है इसलिए उनका नाम भी दिया गया विघ्नहर्ता । मित्रों हमारे जिंदगी एक ऐसा जिंदगी है जहां कहीं ना कहीं  संकट आते रहते हैं, और उसे दूर करने में उस समय हमारे बुद्धि भ्रष्ट हो जाता है । इसलिए भगवान गणेश जी के पूजा करना चाहिए और साथ-साथ उनकी नाम भक्ति और श्रद्धा के साथ लेना भी चाहिए ।

सभी इंसान को यह ध्यान में रखना चाहिए । जब किसी व्यक्ति के प्यास लगता है तो प्यास बुझाने के लिए पानी के पास जाना पड़ता है । ठीक उसी प्रकार हमारे कोई भी संकट होने से प्रभु का नाम अवश्य लेना चाहिए वह सदैव अपने भक्तों पे नजर रखे हुए होते हैं ।


भगवान गणेश जी अपने भक्तों के संकट में भी साथ रहते हैं और उनके सुख में भी साथ रहते हैं, ऐसा नहीं कि आप जब सुख में हो तो भूल जाए ।  इसलिए हर रोज यह मंत्र पाठ अवश्य करें ताकि भगवान गणेश जी आपके भक्ति और श्रद्धा के साथ हमेशा आप के साथ बने रहें ।


जानिए किस मंत्रों से अब भगवान गणेश जी को बहुत जल्द प्रसन्न कर सकते हैं ।

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गणेश ध्यान मंत्र: ॐ वक्रतुंड महाकाय कोटिसूर्यसमप्रभः। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।


गणेश मंत्र : ॐ वक्रतुंडाय हूं॥


सर्वप्रथम अपने शरीर को स्नान करके गंगा पानी से शुद्ध कर ले उसके बाद ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफ मिट्टी, नमक, निम्बू से अच्छे से साफ किया जाए। पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें। 

शुद्ध आसन में बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दुर्वा, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, इनकी आरती करें ।


भगवान गणेश जी को स्मरण करने के लिए 'ऊँ गं गणपतये नम:' का 108 नाम मंत्र का जाप करेंं ।


ऐसे करने से भगवान गणेश जी बहुत जल्द आपसे खुश हो जाएंगे और कृपया भी करेंगे।

तो मित्रों यह था मेरे छोटा सा जानकारी यदि आपको हमारे जानकारी से पसंद आया है तो कमेंट करके जरूर बताइए तब तक के लिए आप सुरक्षित रहिए स्वस्थ रहिए आपका दिन शुभ हो जय हिंद ।


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