रावण का ससुराल गांव कहां हैं

Ravan


हेलो मित्रों नमस्कार मैं फिर से एक सच्चाई जानकारी लेकर हाजिर हूं आपके सामने 🙏मित्रों रामायण तो आप जानते होंगे दुनिया में रामायण बोलो तो एक ही है जहां दुनिया में और दूसरा कहीं नहीं है।  हिंदू शास्त्र के अनुसार इस रामायण ग्रंथ के रचनाकार ऋषि बाल्मीकि मनी थे ।
 हिंदुस्तान में कुछ नेताओं का कहना है कि रामायण काल्पनिक है कोई वास्तविक नहीं है ,यदि ऐसा ही होता तो ग्रंथ में जो कुछ भी लिखा हुआ है वह सच साबित हो रहा है .यदि किसी को भी प्रमाण चाहिए तो इस पोस्ट को एक बार जरूर पढ़ लीजिए ।

रामायण ग्रंथ हिंदुओं के आस्था से जुड़ी हुई है। जहां तक कुछ लोग इसे कल्पनिक सोचते हैं यदि यह काल्पनिक है रामायण ,तो इतना सारे प्रमाण कहां से मिल रही है चलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि रावण के असली ससुराल कहां पर स्थित है वह भी इसी हिंदुस्तान में । 
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दानवों को पता चला कि उनका भांजा रावण अकेले ही स्वर्ग में सभी देवताओं को परास्त कर दिया तीनो लोकों में इस बात का पता चला और इस बात से दानव बहुत खुश हो गये उनकी वर्षो  की मनोकामना पूर्ण हो गयी ,और दानवों ने रावण की जय जयकार की और रावण को अपना राजा बनने कि प्रार्थना की. रावण के तेज और उसके भव्य स्वरूप और नेतृत्व  से मय दानव ने प्रसन्न हो के अपनी अत्यंत सुंदर और मर्यादा का पालन करने वाली पुत्री मंदोदरी का विवाह रावण के साथ किया और रावण पत्नी रूप में मंदोदरी को पा के प्रसन्न हुआ.।  पतिव्रता नारियों में मंदोदरी का स्थान देवी अहिल्या के समकक्ष है ।

रावण का विवाह मंदोदरी से हुआ । मान्यता है कि मंदोदरी का जन्म मध्यप्रदेश के मंदासौर जिले में हुआ था । वहां पर आज भी महाराजा रावणजी को पुजा जाता है , वहा आज भी रावण की चावरी है, जिस जगह पर रावण का विवाह हुआ था ।
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इस बात को ग्रंथ में भी लिखा हुआ है। मैं उन लोगों को कहना चाहता हूं जो लोग रामायण को काल्पनिक सोचते हैं मित्रों आज बस यहीं तक जानकारी थी तब तक के लिए मुझे जाने की आज्ञा दीजिए आपका दिन शुभ हो
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आशा करता हूं कि इस जानकारी से आप खुश होंगे यदि ऐसा है तो आप अपने मित्र को भी शेयर करें धन्यवाद 🙏

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