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किस देश में इंसान के मांस खाने वाले रहते हैं

 

Narabhaxsi


हेलो मित्रों नमस्कार मैं फिर से एक अजब गजब जानकारी लेकर आया हूं जहां यह बात भी सभी को जानना चाहिए । इंसान इंसान का ही मांस खाते हुए क्या आप कहीं सुने हैं ? और वह कौन सा देश है जहां नरभक्षक रहते हैं ? चलिए इसके विषय में थोड़ा जानकारी प्राप्त कर लेते हैं ।

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दरअसल साउथ अफ्रीका में एक जंगल है जिस जंगल का नाम है आमोजन ।  इतने घने और इतने बड़े जंगल हैं जहां बाहरी आदमी जाने में पाबंदी लगा हुआ है सरकार की तरफ से ।  यदि कोई व्यक्ति गलती से उस जंगल मैं चले जाएं तो उनकी किस्मत बहुत ही भयानक हो सकता है बोलो तो बाहरी आदमी को देखने से जंगली इंसान उसे उसी सन खा जाएंगे । ऐसे कई बार हो चुका है बाहरी आदमी उस जंगल में जाने से उसे काटते हुए दिखाया गया है इसकी वीडियो भी शायद व्हाट्सएप में कई लोग देखे होंगे । 


उस जंगल के अंदर यदि कोई बाहरी आदमी चले जाए तो वह वापस कभी लौटते नहीं ।  ऐसे कई बार हो चुका है बहुत बाहरी आदमी लापता । इसीलिए साउथ अफ्रीका के सरकार जंगल में जाने के लिए पाबंदी लगा कर रखे हैं ।

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 और जानते हैं कहां-कहां इंसान के मांस खाने वाले नरभक्षक मिलेंगे ।


👉खासकर लाइबेरिया और कांगो में, अनेक युद्धों में हाल ही में नरभक्षण के अभ्यास देखने को सामने आया है । आज, बहुत ही कम जनजातियों में एक कोरोवाई हैं जो सांस्कृतिक अभ्यास के रूप में अभी भी मानव मांस खाने  में विश्वास करते हैं। विभिन्न मेलेनिशियन जनजातियों में रस्म-रिवाज के रूप में और युद्ध में अब भी इसका प्रचलित  है ।

👉ऐतिहासिक रूप से, औपनिवेशिक शक्तियों द्वारा आदिम मानव बताये जाने वालों को गुलाम बनाने के कृत्य के औचित्य के लिए इंसान के मांस खाने वाले को आरोप का उपयोग किया गया था । सांस्कृतिक सापेक्षवाद की सीमा के परीक्षण के लिए कहा गया कि नरभक्षक मानवविज्ञानियों को चुनौती दे रहा है " यदि कोई मनुष्य ही मनुष्य के मांस खाते हैं तो यह विश्वास करना भी बहुत कठिन होती हैं ।

Narbhaxsi


अतीत में दुनिया भर के मनुष्यों के बीच व्यापक रूप से नरभक्षण का प्रचलन रहा था, जो 19वीं शताब्दी तक कुछ अलग-थलग दक्षिण प्रशांत महासागरीय देशों की संस्कृति में अभी भी चल रहे हैं; और, कुछ मामलों में द्वीपीय मेलेनेशिया में, जहां मूलरूप से मांस-बाजारों का अस्तित्व था।

👉फिजी को कभी 'नरभक्षी द्वीप' (कैंनिबल आइलैंड) के नाम से जाना जाता था।  माना जाता है कि निएंडरथल मनुष्य को भजन किया करते थे,और हो सकता है कि आधुनिक मनुष्यों द्वारा उन्हें ही कैनिबलाइज्ड अर्थात् विलुप्त कर दिया गया हो। 


👉 जिन मनुष्य की अकाल मृत्यु होती है उन्हें उसी जगह के लोगों ने खा जाते थे , जैसा कि अनुमान लगाया गया है कि ऐसा औपनिवेशिक रौनोक द्वीप में हुआ था। कभी-कभी यह आधुनिक समय में भी हुआ है। एक प्रसिद्ध उदाहरण है उरुग्वेयन एयर फ़ोर्स फ्लाइट 571 की दुर्घटना, जिसके बाद कुछ बचे हुए यात्रियों ने मृतकों को खाया ।इसके अलावा, कुछ मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति दूसरों को खाने और नरभक्षण करने के मामले में ग्रस्त रहे हैं, जैसे कि -

👉जेफरी डाहमर और अल्बर्ट फिश. नरभक्षक पर मानसिक विकार का लेबल लगाने का औपचारिक रूप से विरोध किया गया है।


पुराना कथाओं, अनुसार और कलाकृतियों में नरभक्षक का विषय दर्शाया गया है; उदाहरणस्वरुप, 1819 में

 👉फ्रांसिसी शिला मुद्रक थियोडोर गेरीकौल्ट नेद राफ्ट ऑफ़ द मेडुसा में नरभक्षण को पहचान किया गया था ।

👉 लोकप्रिय संस्कृति में इस पर व्यंग्य किया गया है, जैसे कि मोंटी पायथन के लाइफबोट स्केच से पाया गया था ।

मित्रों आज के लिए बस इतना ही फिर आपने जानकारी लेकर आपके सामने हाजिर होंगे तब तक के लिए नमस्कार 🙏