महाकालेश्वर मंदिर का चमत्कार Miracle of Mahakaleshwar Temple - DHARMS INFORMATION

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महाकालेश्वर मंदिर का चमत्कार Miracle of Mahakaleshwar Temple


Mahakal mandir

 महाकालेश्वर मंदिर का चमत्कार जानने से पहले इतिहास को जानिए ।


दरअसल 1234-5 में उज्जैन में छापे के दौरान सुल्तान - शाम उद्दीन इल्तुतमिश द्वारा मंदिर परिसर को नष्ट कर दिया गया था।  ज्योतिर्लिंगम को नष्ट कर दिया गया और माना गया कि आक्रमण के दौरान चोरी किए गए मंदिर के  बेशकीमती कीमती चीजें और महाकाल की ज्योतिर्लिंग को 'कोटितीर्थ कुंड' में फेंक दिया गया था ,ऐसे करने पर इतिहास के अनुसार बहुत बड़ा दंड मिला था । सुल्तान शम उद्दीन का  मौत बहुत ही भयानक से हुआ था उन्हें अपनी मौत के वक्त पानी तक नहीं मिली ।

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 वर्तमान संरचना का निर्माण मराठा जनरल रानोजी शिंदे ने 1734 ईस्वी में फिर से किया था।  महादजी शिंदे (१ by३०-१२ फरवरी १ul ९ ४) और दौलत राव शिंदे की पत्नी बैजा बाई सहित उनके वंश के अन्य सदस्यों द्वारा आगे के विकास और प्रबंधन किए गए थे।  (1827-1863)।  जयजीराव शिंदे (1886 तक) के शासनकाल के दौरान, तत्कालीन ग्वालियर राज्य के प्रमुख कार्यक्रम इस मंदिर में हुआ करते थे। 


 👉उज्जैन में मराठा शासन की स्थापना आठवें दशक के चौथे दशक में हुई थी।  उज्जैन के प्रशासन को पेशवा बाजीराव-प्रथम ने अपने वफादार कमांडर रानोजी शिंदे को सौंपा था, द रानोजी के दीवान सुखतानाकर रामचंद्र बाबा शेनावी थे, जिन्होंने धार्मिक उद्देश्यों के लिए अपनी संपत्ति का निवेश करने का फैसला किया था।  इस सिलसिले में, उन्होंने अठारहवें सी के 4 वें -5 वें दशक के दौरान उज्जैन में प्रसिद्ध महाकाल मंदिर का पुनः निर्माण किया।  ई।

भारत आजादी के बाद उज्जैन मंदिर का पुनर्निर्माण किया था वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार के हिफाजत में है सरकारी कार्यकर्ताओं ने पूजा अर्चन करते हैं । 

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जानिए महाकाल के चमत्कार ।


 जाना जाता है कि उस मंदिर में कमजोर दिल के इंसान नहीं जाना चाहिए 👉क्योंकि उस मंदिर में प्रवेश करने के बाद मनुष्य के पाप पुण्य के ज्ञात हो जाता है ,उसने क्या पाप किया है यह सब मंदिर प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे आभास होने लगता है । एक ऐसा ऊर्जा उत्पन्न  होता है महाकाल के की कोई भी व्यक्ति  कमजोर  मन  वाले उसे सहन नहीं कर पाएंगे उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है । इसलिए दिल के कमजोरी आदमी कभी भी उस मंदिर में प्रवेश नहीं करना चाहिए । माना जाता है कि मंदिर में ज्योतिर्लिंग को दर्शन करने के बाद मनुष्य के मन की सोच बदल जाती हैं और पाप पुण्य के मार्ग दर्शाता है । 

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शास्त्रों में कहा गया है कि जो इंसान पाप पुण्य को ज्ञात हो चुका है वह स्वभाविक रूप से उन्हें मोक्ष मिल जाती है । 

महाकालेश्वर मंदिर में ऐसे चमत्कार है यदि कोई भी भक्त ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें तो उन्हें बहुत कुछ ज्ञात हो जाता है ,और तो और ज्योतिर्लिंग दर्शन करने से इंसान के जितने भी पाप पिछले कर्म की है वह भी सब मिट जाते हैं । 

 यदि किसी व्यक्ति को ऐसी चमत्कार देखना है तो अपने भक्ति और श्रद्धा के साथ उस मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं  । सबसे पहले अपने मन को महाकाल के चरणों में अर्पित कर देना है आप के जितने भी पाप कर्म है वह सब कुछ मिट जाएगी।

 मित्रों पूरे पोस्ट को पढ़ने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद अगले जानकारी लेकर फिर मिलेंगे आपके साथ जय हिंद जय भारत माता।🙏🙏🙏🙏