कहानी 203 बच्चे वाले पिता का हैं जानिए

203 bachche


मित्रों नमस्कार आप जरूर सुने होंगे कि पहले राजा लोग 30 से लेकर 50 , 60 तक शादी किया करते थे और संतान भी ढेर सारे होते थे ।

परंतु वर्तमान युग में ऐसी बात सुनने को नहीं मिलती है आज जो बात सामने आ रहे हैं सुनने के बाद शायद आपको हंसी जरूर आएगी पर यह हकीकत है ।  जिस शख्स ने 203 बच्चे पैदा किए हैं वह कितने शादी किया है इनके बारे में सब कुछ जानने के लिए पूरा पोस्ट को जरुर पढ़े ।

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  आज हम आपको एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पति तो एक ही है लेकिन उसकी बीवियां 130 और बच्चे 203 है। दरअसल ये अनोखा परिवार या फिर कहे गांव बसाने वाला शख्स नाइजीरिया में रहने वाले एक मौलवी था। मोहम्मद बेल्लो अबूबकर नाम के इस मौलवी की साल 2017 में मौत हो गई थी। हालांकि इस समय वह एक बार फिर चर्चा में आया है।

ऐसे प्रकार के आदमी हिंदुस्तान में भी कमी नहीं है वह भी सबसे ज्यादा फिलहाल इस्लाम मैं ही दिखा जाता है किसी के 10 किसी के 15 इस तरह बच्चा पैदा हो रही हैं ।

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इस कोरोना महामारी और लंबे लॉकडाउन के बाद एक्सपर्ट्स यह कयास लगा रहे हैं कि जल्द ही दुनिया में एक बड़ा जनसंख्या विस्फोट हो सकता है। ऐसे में 130 बीवियों वाले ये मौलवी साहब लोगों को याद आ गए। मोहम्मद बेल्लो अबूबकर की मौत के बाद भी उनके कुछ बच्चे हुए। दरअसल मौत के समय उनकी कई बीवियां गर्भवती थी। यह मौलवी अपने पूरे परिवार के साथ तीन मंजिला एक मकान में रहता था। खास बात यह थी कि इतनी सारी पत्नियां होने के बावजूद इनके बीच कभी कोई लड़ाई नहीं होती थी। ये सभी शांति से रहते थे।


दरअसल अबू बकर की एक सपना था एक गांव बसाकर जाएंगे तो उनकी सपना हकीकत में बदल गया है आप सोचिए जिसके 203 बच्चे हैं और 130 बीवियां हैं एक गांव नहीं तो और क्या है ।

 

अबूबकर की मौत अचानक हो गई थी । उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। मरने के पहले उन्होंने अपने पूरे परिवार को बुला बातचीत भी की थी। उनकी अंतिम यात्रा में कई लोग शामिल हुए थे। उनकी मौत के बाद कई बीवियों ने आंसू बहाए थे। अबूबकर जब जिंदा थे तो उन्हें कई विरोध का सामना करना पड़ा था। लोगों का कहना था कि उन्हें अपनी चार बीवियों को छोड़ बाकी सभी को तलाक दे देना चाहिए। हालांकि मौलवी ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। उसका कहना था कि ये शादियां शुद्ध है।


दरअसल नाइजीरिया में इस्लाम धर्म के लोगों की संख्या बहुत ही कम है और इसी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है ताकि उनकी जंक्शन का बड़े और किसी प्रकार की धर्म के विषय में कहीं तकलीफ ना हो इसलिए उन्होंने धर्म को सही हिफाजत के लिए इतनी जनसंख्या को बढ़ाकर गया है  और एक इतिहास रचा कर गया ।

अपनी 130 बीवियों में से 10 के साथ उसका तलाक भी हो गया था। एक इंटरव्यू में मौलवी ने कहा था कि वह स्वयं शादी नहीं करना चाहता है लेकिन उसकी शादियां अपने आप होती चली जाती है। अबूबकर ने यह भी कहा था कि आमतौर पर लोग 10 बीवियों से ही परेशान हो जाते हैं, लेकिन अल्लाह मुझे 130 बीवियां संभालने के काबिल समझता है, इसलिए उसने मेरी किस्मत में यह लिखा।


वहीं अबूबकर से निकाह रचाने वाली महिलाएं खुद को सौभाग्यवती समझती थी। वे कहती थी कि अबूबकर में एक चमत्कारी बात थी। आप उनसे शादी करने से इंकार नहीं कर सकते हैं। अब अबूबकर तो इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन उनका कुछ परिवार अभी भी उसी घर में रहता ओर उनको याद करते हैं ।

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