कलयुग से बचने के यह है सरल उपाय जानिए

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कलयुग से बचने के उपाय क्या है जानिए हमारे साथ मित्र नमस्कार हमारे वेबसाइट में आपका स्वागत है । प्रिय मित्रों सत्य युग,दापर युग,त्रेता युग और फिर आया कलियुग । धर्म शास्त्र के अनुसार सतयुग में लोग सत्य वचन कहा करते थे उस समय साधु सन्यासी तप, जाप और धर्म से अपने जीवन व्यतीत करते थे  । उसके बाद दापुर युग आया जहां लोग भगवान के भक्त और धार्मिक कथाएं सुनते थे धर्म और अधर्म की ज्ञान प्राप्त करते थे । त्रेता युग में मुहा ज्ञानी लोग अधर्म का रास्ता अपनाने लगा जिसके कारण भगवान को अवतार लेना पड़ा । उसके बाद आया कलियुग जहां पपों की भंडार सर्वाधिक होने लगा जिसके कारण भगवान विष्णु स्वयं कृष्ण अवतार लेकर पापों की विनाश किया था लेकिन कुछ पाप कलयुग में रह गया जहां अभी तक वह पाप सभी इंसान के अंदर समा हुआ है । 

कलयुग में उसी आत्माओं का जन्म होगा जिस आत्माओं के भीतर लोभ और मोह माया से परिपूर्णता होंगे । जब तक अपने लोभ और मोह माया त्याग नहीं देते हैं तब तक इसी कलयुग में बार-बार उस आत्मा को जन्म लेना पड़ेगा  । इस कलयुग में आप कितने भी अच्छे रहने की कोशिश करेंगे फिर भी आप भले इंसान होकर नहीं रह पाएंगे । क्योंकि कलयुग एक ऐसा शैतान है जो आप के दिमाग पर छाया हुआ है आप कितने भी अच्छे कर्म करेंगे तो भी आपका बदनाम होने में टाइम नहीं लगने देंगे । क्योंकि आप इस कलयुग में जितने पाप करेंगे आपका नाम अपना राशन होगा । इसलिए इस युग का नाम पापी युग भी कहते हैं । यहां सबसे ज्यादा पाप होने को दिखाई देगा जो जितने पाप करेंगे उनका नाम राशन उतना ही होगा क्योंकि कलयुग शैतान यही सब करवा रहा है । 


इस कलयुग में पुण्य आत्मा भी है और पापी आत्मा भी है । यह कौन पापी आत्मा और कौन पुण्य आत्मा यह तो कोई नहीं बता सकते हैं लेकिन उनके व्यवहार से कुछ अनुभव लगता है कि यह इंसान सही है या गलत लेकिन बात तो यह है कि आप पापी आत्माओं के साथ जब चल फिर रहे हैं तो आप भी पाप करने में रुकेंगे नहीं । और फिर इसी कलयुग में मोह माया और लोभ के कारण अपने आत्मा की पाप के कारण जन्म लेना पड़ेगा और भुगतना पड़ेगा उस पाप के लिए ।


इस कलयुग में इंसान से ऐसे पाप होता है जहां सुनने के लिए भी आत्मा पर पाप का बोझ लगता है । जैसे कि इस कलयुग में रिश्वत लेने के लिए कोई संकोच नहीं करेंगे, गरीबों को सताने के लिए कोई पीछे नहीं हटेंगे और फिर किसी की हत्या करने के लिए हाथ नहीं कपेंगे और तो और पिता अपनी पुत्री को बलात्कार करने के लिए नहीं छोड़ेंगे  । और यह सब वही कलयुग शैतानी करा रहा है जिसके कारण आपको इस कलयुग में बार-बार जन्म लेना पड़ेगा और इन पापियों से लड़ना पड़ेगा ।


ईश्वर को पहले ही पता था कि आने वाले समय में इंसान के लिए घोर संकट आने वाले हैं इसलिए भगवान इंसान के रूप में अवतार लेकर मार्गदर्शन कराया जिस से आने वाले संकट से इंसान दूर रह सके । इस कलयुग में पापियों के अंदर आप रह रहे हैं जिसके कारण आप के मार्ग पर बधाई उत्पन्न हो सकती है लेकिन ईश्वर प्रति विश्वास रखें और नाम जप करने से कितने भी बाधा उत्पन्न क्यों ना हो ईश्वर आपको दर्शन अवश्य देंगे । इस पापी कलयुग में भी ईश्वर है लेकिन आपको अपने विचारों से कभी हटना नहीं चाहिए ।

इस कलयुग से बचने का एक ही उपाय हैं अपने अच्छे विचारों को भगवान के प्रति भक्ति और श्रद्धा के साथ अर्पित करना चाहिए और अपने विचार कभी भी गलत रास्ते पर लेकर नहीं जाना चाहिए ।

कलयुग में हजारों पापी आत्माओं के बीच कुछ पुण्य आत्मा भी वास करता है इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने पुण्य आत्माओं का मार्ग दर्शन करवाने के लिए भागवत गीता के उपदेश दिया । जिसके उपदेश से आपको सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलेगी और अपने कर्म को सही रखने की हिम्मत मिलेगी । प्रिय मित्रों इस कलयुग से अगर आप बचना चाहते हैं तो गलत लोगों के साथ दुरिया रखें और भजन-कीर्तन करते रहिए एवं भागवत गीता के पाठ अवश्य करें । आपने ईश्वर की पूजा आराधना में लगे रहिए इससे आपके जो भी बुरे कर्म के फल रहेंगे वह भी समाप्त हो जाएगी और आने वाले समय में इस कलयुग से आप को मुक्ति मिलेगी  ।


प्रिय मित्रों यह था आपके लिए छोटा सा जानकारी अगर हमारे यह जानकारी आपको पसंद आया तो कृपया कमेंट करके जरूर बताइए आने वाले समय में मैं आपके लिए और भी अच्छा जानकार लेकर आएंगे तब तक के लिए आप सुरक्षित रहिए स्वस्थ रहिए आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो  । 

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