आयुर्वेदिक दवा के यह है जबरदस्त फायदे जानिए

आयुर्वेदिक दवा


आयुर्वेदिक दवा के कितना फायदे हैं जाने के लिए हमारे साथ बने रहिए मित्र नमस्कार हमारे वेबसाइट में आपका स्वागत है । आयुर्वेदिक दवा प्राचीन काल से लोग  उपचार करते आ रहे हैं । वर्तमान दिन में आयुर्वेदिक दवा के महत्व अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है । आज हम आपको बताएंगे की आयुर्वेदिक दवा का कितने गुण हैं और हमारे लिए क्या क्या फायदेमंद है ।


 मैं आपको सरल भाषा में समझाने की प्रयास करेंगे कृपया समय लेकर यह पोस्ट पूरे जरूर पढ़िए आपके लिए फायदे होंगे ।


1000 साल पहले ना तो कोई डॉक्टर थे और ना कोई एलोपैथिक दवा थे अगर इस धरती पर इलाज के लिए थे तो वैद्य थे । हम मनुष्य के किसी भी प्रकार के बीमारी को आयुर्वेदिक दवा के जरिए वैध ही ठीक करते थे । पेड़ पौधे से ही बनाया जाता है आयुर्वेदिक दवा । 

हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णित किया गया है कि आयुर्वेदिक दवा से कैसे उपचार किया जाता है । विज्ञान के अनुसार 5000 साल पूर्व से ही मुनि ऋषियों ने वेदों का नियमों अनुसार लोगों की बीमारियों का इलाज करते थे । आज के दिन जिस प्रकार मनुष्य के शरीर में तरह-तरह की बीमारी दिखाई दे रहे हैं उस समय ऐसे बीमारी नहीं थी जिसके कारण छोटे मोटे शरीर में बीमारी होने पर आयुर्वेदिक दवा से ठीक हो जाता था । वर्तमान दिन में जिस प्रकार बड़े-बड़े बीमारी दिखाई दे रहे हैं उस समय ऐसे बीमारी नहीं था उस समय वातावरण शुद्ध रहते थे । अभी तो वातावरण बहुत खराब हो चुका है जिसके कारण हम मनुष्य को बीमारियों से घेर लिया है । 

पेड़ पौधे से हमें वह शक्ति मिलती है जहां किसी में नहीं । आज वर्तमान दिन में लोग पेड़ पौधे की जड़ी-बूटी धीरे-धीरे भुलने लगे जिसका इतना महत्व दिया गया है आज उसको लोग पूछते तक नहीं ।

 आप सुने होंगे की रामायण में जब लक्ष्मण जी को मेघनाथ ने अपने बाण के प्रहार से मृत्यु के मुंह में ढकल दिया था । लेकिन संकट मोचन हनुमान जीने संजीवनी बूटी लेकर आए थे और उसी संजीवनी बूटी  से इलाज करके लक्ष्मण जी का प्राण फिर से वापस आया था मतलब जीवनदान मिला था इसलिए उसका नाम संजीवनी पड़ा था । क्योंकि उसमें इतना गुण है कि किसी का भी प्रान संकट में क्यों ना पड़े उनका आधा जीवन देने के लिए संजीवनी के अंदर ही मौजूद हैं । 


वर्तमान कुछ ही लोग जानते हैं संजीवनी बूटी का क्या महत्व है । अगर किसी व्यक्ति के शरीर में जख्म हो जाए तो उस का रस लगाने पर ही तुरंत ठीक हो जाता है । आयुर्वेदिक दवा पेड़ पौधे से ही बनाया जाता है बस उसका नियम के अनुसार ही हमें इलाज करना पड़ता है । आयुर्वेदिक दवा से इलाज करेंगे तो बीमारी ठीक होने में कुछ दिन समय जरूर लगता है लेकिन उस बीमारी को जड़ से खत्म कर देता है । 


वर्तमान युग में तरह-तरह की मनुष्य की बीमारी है तो आयुर्वेदिक दवा में भी तरह-तरह की दवा मिलेंगे जहां आप के बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सक्षम है ।


 प्राचीन काल से लेकर अभी तक भारत में ही सबसे ज्यादा आयुर्वेदिक दवा का प्रचलन है । और कुछ हैरान करने वाले बात तो यह है कि अगर कोई बीमारी एलोपैथिक दवा से ठीक नहीं हुई तो आयुर्वेदिक दवा से आपका बीमारी जड़ से खत्म करने में सक्षम है ।

बौद्ध धर्म तो आप जानते हैं गौतम बौद्ध कौन थे वे एक राजा का पुत्र था उनका बचपन का नाम था सिद्धार्थ । जब उन्होंने अपने गुरु से शिक्षा प्राप्त की उसके साथ साथ जड़ी बूटी से इलाज कैसे किया जाता है उसका भी अपने गुरु से उपचार करने की शिक्षा प्राप्त किए । शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने बहुत दिन तक तपस्या की थी जिसके जरिए अपने अंदर दव्य शक्ति भी प्राप्त किए थे । सिद्धार्थ को अपना राज्य में रहने की दिलचस्पी नहीं था और ना ही उनको राजा बनने की रुचि । इसलिए उन्होंने भ्रमण करना शुरू किया समय बीत गया और दिन बदलते गया । एक दिन अचानक एक गांव में जाकर पहुंचा । सिद्धार्थ को उस गांव को देख कर अच्छा लगने लगा इसलिए उन्होंने उस गांव में कुछ दिन के लिए रुक गया गांव के मुखिया के पास । उस समय गांव में मुखिया हुआ करते थे उन्हीं का बात गांव के लोग सुना करता था । 


सिद्धार्थ को जब उस गांव से जाने का समय आ गया तब एक भयंकर बीमारी आया और उस बीमारी के कारण बहुत से लोगों को मौत हो गया । उसके बाद सिद्धार्थ ने देखा कि ऐसे होंगे तो पूरे के पूरे गांव के लोगों को मृत्यु हो जाएगा ।  इसलिए सिद्धार्थ ने कहा कि मैं आप लोगों को सहायता कर सकता हूं और इस का इलाज करेंगे इसके लिए चिंता मत करिए बस हमें मौका दीजिए । गौतम बुध की बात सुनकर गांव का मुखिया ने कहां की ठीक है आप ही इलाज करके हमें बचाइए । तब तक गांव के आधा से ज्यादा लोगों को मृत्यु हो चुका था । 

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उसके बाद सिद्धार्थ ने आयुर्वेदिक दवा से इलाज करने लगे और फिर धीरे-धीरे लोग स्वस्थ होने लगे । सिद्धार्थ की ऐसी चमत्कार देखकर वहां के लोग बड़ी खुश हो गए और सिद्धार्थ को भगवान जैसे मानने लगे । वो लोग कोई और नहीं चीन के लोग हैं जिसे आप सब जानते हैं बौद्ध धर्म । सिद्धार्थ के वहीं से नाम शुरू हुआ गौतम बौद्ध । 

प्रिय मित्रों आप समझ गए होंगे कि यदि गौतम बुद्ध आयुर्वेदिक उपचार के शिक्षा प्राप्त नहीं की होती तो आज उन्हें कोई भगवान रूप में पूजा नहीं करते । आयुर्वेदिक दवा में वह प्राण है जो हमें समझना चाहिए । यदि आप आयुर्वेदिक दवा उपयोग करते हैं तो आपके लिए फायदे हैं इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं है ।


तो मित्रों यह था आपके लिए छोटा सा जानकारी है अगर हमारे जानकारी आपको पसंद आया तो हमें कमेंट अवश्य करें आपका दिन शुभ हो मंगलमय हो 🙏 

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