किडनी आगर खराब हो गया तो ये 6 लक्षण से पता करें

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 किडनी खराब होने के लक्षण कैसे जानें ?


किडनी संबंधित जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहिए। कैसे अपने किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं और किडनी को खराब होने से बचा सकते हैं नमस्कार मित्रों हमारे वेबसाइट में आपका स्वागत है । यदि किडनी संबंधित समस्या से जूझ रहे हैं तो उम्मीद है हमारे इस जानकारी आपके लिए फायदे होंगे ।


 हमेशा इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि हमारे शरीर स्वस्थ है तो यह जहां भी स्वास्थ्य है । दिन बदलते जा रहा है और लोगों के अंदर बीमारियों के घर बनते जा रहा है । कुछ बीमारी तो हम अपने बुरे आदतें के कारण निमंत्रण देते हैं । और कुछ परिवारिक उलझन के कारण बीमारी का जन्म हो जाता है जिस से छुटकारा पाने में बहुत ही मुश्किल हो जाता है । आज के दौर में देखा जाए किडनी खराब होने के बहुत से कारण सामने आ रहे हैं और नया-नया मरीज भी दिखाई देने लगा है । इसलिए इससे छुटकारा एवं किडनी संबंधित जानकारी हमें थोड़ा बहुत रखना चाहिए ताकि आने वाले समय में हम सुरक्षित रहे सकें । 



वर्तमान आज के दिन में जो भी हम आहार करते हैं यह खाद पदार्थ सबसे अधिक मात्रा में दिया जा रहा है। जिसके कारण प्रोटीन की मात्रा कम हो जाता है और विषाक्त अधिक होने लगे हैं । किडनी खराब होने का कोई कारण हो सकता है । लेकिन सबसे पहले हम उन संकेतों को जान लेंगे कि किडनी खराब होने से हमें ऐसे कौन से संकेत देता है । जिससे अपने से उपचार करके उसे खराब होने से बचा सकें ।


ऐसी जगहों पर एडिमा दिखाई देने लगेगी, जो दबाव देने पर पिट करते हैं, और इन्हें पिटिंग एडिमा कहा जाता है। जैसे-जैसे गुर्दे अपने काम करने में अक्षम होने लगेंगे तो इससे शरीर में नमक जमा होने लगता है । जिससे आपकी पिंडली और टखनों में सूजन आने लगती है। सरल भाषा में समझे अगर किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण दिखाई देने लगा तो  नेफ्रोलॉजिस्ट से मिलकर अपने गुर्दे की कार्यप्रणाली का तत्काल किसी अच्छे डॉक्टर से परीक्षण करना चाहिए ।


पेरिऑर्बिटल एडिमा अगर होता है तो हो जाइए सावधान ।

पेरिऑर्बिटल एडिमा होने से आंखों के आसपास सूजन दिखने लगता है जो कोशिकाओं या ऊतकों में तरल पदार्थ के संचय के कारण बांधता है। यह किडनी की बीमारी के शुरुआती लक्षणों में से एक है। यह उन व्यक्तियों में विशेष रूप से होता है जिनमें गुर्दे के माध्यम से काफी मात्रा में प्रोटीन की कमी। शरीर से प्रोटीन का नाश इंट्रावस्कुलर ऑन्कोटिक दबाव को कम करता है जिससे आंखों के आसपास के विभिन्न जगहों पर तरल पदार्थ का अधिक संचय होने लगता है। 


अगर किसी व्यक्ति के किडनी शुरुआती खराब होने लगता है तो सबसे पहले उन्हें बार-बार थकावट महसूस होने लागते है । शुरुआती किडनी खराब होने से थोड़ा बहुत काम करते हैं और उन्हें आराम की जरूरत पड़ती है । अधिक से अधिक दौर भाग कर नहीं सकते हैं । शरीर में जब भी खून में विषाक्त पदार्थ अधिक मात्रा में होने लगता है या अशुद्ध पदार्थ को बाहर निकालने में अक्षम हो जाता है तब शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है । 


यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड जैसे विषाक्त पदार्थों शरीर में जमा होने से व्यक्ति की भूख कम होने लगती है। लंबे दिनों से अगर किसी व्यक्ति के सुबह, दोपहर , रात के समय भूख नहीं लगता है या पेट भरा भरा लगता है तो यह भी आपके लिए चेतावनी दे रहे हैं । मरीजों के आहार में स्वाद ना लगना यह भी किडनी खराब होने का शुरुआती संकेत दे रहा है ।



किडनी खराब होने की शुरुआती संकेत यह भी दे सकता है जैसे कि मूत्र में बदलाव । किडनी खराब होने के मरीजों के मूत्र में कमी होना और समय का परिवर्तन होना। यदि मूत्र में गड़बड़ होने लगी या परिवर्तन होने लगा तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए । 

अगर किसी व्यक्ति के सुबह खाली पेट में ब्रश करते समय उल्टी होने लगता है तो यह भी किडनी खराब होने का संकेत देता है यह अगर आपके साथ बार बार हो रहा है तो किसी डॉक्टर से संपर्क करें । 


किडनी खराब होने का सबसे ज्यादा चांसेस होती है समय पर पानी नहीं पीना ,नशीली पदार्थ का सेवन करना इन बुरी आदतों से सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है । 


किडनी खराब हो या ना हो हमें हमेशा सचेतन होना चाहिए । और अगर किसी की किडनी कमजोर है तो दूर करने की उपाय या उपचार करनी चाहिए ताकि किडनी हमेशा स्वस्थ रहें ।


तो चलिए जानते हैं किडनी के बचाव के उपाय क्या हैं और कैसे करें किडनी का उपचार । 


1- सर्वप्रथम किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आप सुबह सुबह खाली पेट में हल्का गर्म पानी भरपूर मात्रा में पिएं । इससे विषाक्त पदार्थ निकलने में बहुत ही मदद करता है और इससे हमेशा किडनी स्वस्थ रहेंगे ।



2- आहार में नमक की मात्रा कम करें और ज्यादा मसला आदि से भोजन ना करें । रेस्टोरेंट्स एवं किसी फुटपाथ की भोजन को परहेज करना होगा ।

3- सप्ताह में 2 दिन या 3 दिन पपीता को भोजन में शामिल करें । पपीता के सब्जी बनाकर खाने से गुर्दे की एवं लीवर की कमजोरी को दूर करता है और हमेशा स्वस्थ रखता है ।  


 4- आहार करने के बाद सेव एवं अंगूर के जूस अवश्यं पिएं । सेव और अंगूर के जूस भोजन करने के बाद पीने से किडनी स्वस्थ रखने में बहुत ही मदद करता है ।

5- धूम्रपान एवं कोई भी नशीली पदार्थ से बचे । यदि आपको शराब की लत लग चुके हैं तो हर रोज 6 से 7 लीटर तक पानी पीना होगा जिससे आपके किडनी लिवर ज्यादा खराब होने में बचा सकते हैं । किडनी और लिवर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इन नशीली पदार्थ से दूर रहिए । 

6- गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक नॉर्मल पानी पीने का प्रयास करें । सर्दी के मौसम में कई लोग अधिक से अधिक ठंडा पानी पीने में अपनाते हैं लेकिन यह आपके लिए भारी पड़ सकता है इससे दूर रहिए ।

 किडनी की खराबी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ आम लक्षण हैं जो निम्नलिखित हैं:


1) पेशाब में बदलाव: किडनी की खराबी के एक मुख्य लक्षण है कि पेशाब में बदलाव हो जाता है। पेशाब ज्यादा होने या कम होने लगता है, अधिक पसीना आता है, पेशाब का रंग अधिक गहरा हो जाता है या फिर पेशाब में खून आने लगता है।


2) थकान: किडनी के समस्याओं के कारण शरीर में ऊर्जा का लेवल कम हो जाता है जिससे व्यक्ति बहुत थका हुआ महसूस करता है और उसे भुख नहीं लगती है।


3) त्वचा और आंखों के नीले पड़ जाना: किडनी की खराबी के कारण शरीर में अतिरिक्त उर्जा का जमा होने से त्वचा और नेत्रों के नीले पड़ सकते हैं।


4) वजन कम होना: किडनी की खराबी के कारण शरीर में ऊर्जा का लेवल कम होने से व्यक्ति का वजन भी कम होने लगता है।


5) पेट में दर्द: किडनी में संक्रमण के कारण पेट में दर्द हो सकता है।


6) उल्टी: किडनी की खराबी के कारण उल्टी की समस्या हो सकती है।


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