तुलसी पत्ते का रस कब पीना चाहिए


तुलसी पत्ते


 हमारे शरीर में कुछ ऐसे बीमारी हैं जहां हमें समझ में नहीं आती जब वह धीरे-धीरे बढ़ती हैं तब महसूस होने लगता है इसलिए हमें ऐसे छोटे-मोटे बीमारी को पहले से दूर करना है । और अच्छी बात तो यह है कि हमारे शरीर में जितने भी छोटे-मोटे बीमारी होती है यह सब दूर हो जाएगी आपके तुलसी पत्ते के रस सेवन करने से तुलसी पत्ते के रस में इतने गुण हैं कि हमें सभी को पता नहीं है चलिए आज हम आपको बताएंगे तुलसी पत्ते में कितना फायदे करते हैं !


तुलसी का पौधा हवा में मौजूद बैक्टीरिया नष्ट करने में सक्षम है। इसकी सुगंध श्वास संबंधी रोगों खत्म कर देते हैं।

 तुलसी की एक या दो पत्ते रोज सेवन करने से 

👉रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

 तुलसी सर्दी-खांसी से लेकर कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि है। आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी की जड़, तना, पत्ती और बीज सभी का महत्व है। आमतौर पर घरों में दो तरह की तुलसी देखने को मिलती है, एक जिसकी पत्तियों का रंग थोड़ा गहरा होता है औ दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है।


पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के दाना का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है। इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है। जो महिलाओं के पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है तो ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का भी नियमित उपयोग किया जा सकता है।


तुलसी की पत्तियों को पीसकर रस निकाल के पीने से पाचनशक्ति ठीक होती है और पेट के रोग दूर होते हैं।

जुकाम-सर्दी व थकावट में तुलसी के पत्ते चाय के साथ सेवन करने से सर्दी, जुकाम व थकान संबंधित समस्याएं दूर करते हैं ।


 तुलसी पत्ते की रास सेवन करना एक समय होता है और वह  समय को समझना आवश्यकता है नहीं तो उसकी गुण आपको पता नहीं चलेगी । 


जानिए कब पीना चाहिए तुलसी पत्ते की रस


सुबह सुबह नींद से उठ कर खाली पेट में दो तीन तुलसी पत्ते सेवन करें उसके रस निकालकर आप सेवन कर सकते हैं इसमें सबसे ज्यादा शरीर के लिए फायदेमंद है ।

यदि आपको इसकी गुण जानना है तो आज से ही शुरु कर दें और हां घर में एक तुलसी पौधा जरूर लगाइए ताकि आपके घर में जो भी वातावरण है वह सब शुद्ध रहेंगे ।