ॐ काली कंकाली महाकाली मंत्र : जाप करते ही कैसे मिलेंगे अपारशक्ति ?

bholanath biswas
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ॐ काली कंकाली महाकाली



ॐ काली कंकाली महाकाली मंत्र : 


 महाकाली शाबर मंत्र जानने के लिए हमारे साथ बने रहिए ।मि त्र नमस्कार हमारे वेबसाइट में आपको स्वागतम ।🙏


मनुष्य के जीवन में सुख दुख से लेकर संसार है लेकिन इस संसार में जब ज्यादा से ज्यादा दुख आजाए तो उससे लड़ने की क्षमता हमारे अंदर नहीं रहते हैं । इसलिए हमें महाकाली शाबर मंत्र पढ़ना  चाहिए जिससे हमारे संकट एवं दुख को दूर कर सकें । 


 इसमें महाकाली का शाबर मंत्र अत्यंत दुर्लभ और तेज प्रभावशाली होता है। जहां हमें चैत्र नवरात्रि में इस शाबर मंत्र को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ विधि विधान नियम पूर्वक जब करने से हमारी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं और साधक संपूर्ण सुख, सौभाग्य, ऐश्वर्य एवं अर्थव्यवस्था से परिपूर्ण हो जाता है। साथ ही साथ समस्त प्रकार की संकट दुविधा भी स्वतः ही दूर हो जाती है। 


तो मित्र आइए जानते हैं कैसे करेंगे महाकाली शाबर मंत्र ?



"सात पुनम कालका, बारह बरस क्वांर।


एको देवि जानिए, चौदह भुवन द्वार।।


द्वि-पक्षे निर्मलिए, तेरह देवन देव।


अष्टभुजी परमेश्वरी, ग्यारह रूद्र सेव।।


सोलह कला सम्पुर्णी, तीन नयन भरपुर।


दशों द्वारी तू ही माँ, पांचों बाजे नूर।।


नव-निधि षट्-दर्शनी, पंद्रह तिथि जान।


चारों युग मे काल का कर काली कल्याण।।


इसे सिद्ध करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए ?


सर्वप्रथम  स्नान आदि करके शरीर को शुद्ध बनाना चाहिए । पवित्र स्थान देखकर मां काली के तस्वीर रखें उसके बाद गंगाजल से उस जगह  चारे और छिड़काव करें ।

और फिर अगरबत्ती जलाई । अगरबत्ती और धूप की धुआं से उस एरिया के वातावरण शुद्ध हो जाता हैं । 


इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए महाकाली शाबर यंत्र, काली माता की 👉फोटो, कनेर का पीला फूल, भटकटैया का फूल, लौंग, इलायची, 3 नींबू, सिन्दूर, काले केवाच ( रत्ती या गुमची) के 108 बीज धूप, दीप, नारियल, अगरबत्ती इन सब सामान की आवश्यकता हैं ।


मा काली के मंदिर में या किसी एकान्त स्थान में जहां आप अकेले हो कोई नहीं है इस मंत्र को सिद्ध किया जा सकता है। सबसे पहले स्नान आदि से निवृत होकर एक लकड़ी की चोकी पर लाल वस्त्र बिछाकर महाकाली का चित्र और यंत्र स्थापित कर लीजिए  इसके बाद घी का चार मुखी दीपक जलाकर अपने गुरू एवं गणेशजी का ध्यान कर गुरू स्थापन मंत्र तथा आत्मरक्षा मंत्र का प्रयोग करें।


इसे भी करें भोजपत्र पर निम्न चौंतिसा यंत्र का निर्माण करना चाहिए फिर महाकाली यंत्र, महाकाली चित्र सहित चौंतीसा यंत्र का पंचोपचार या षोड़शोपचार से पूजा करनी चाहिए। पूजन के समय कनेर, भटकटैया के फूल को यंत्र चित्र पर चढ़ाएं, नारियल इलायची, पंचमेवा का भोग लगाएं, फिर तीनों नींबूओंं को काटकर सिन्दूर का टीका लगाकर काली माता को अर्पित करें। इसके बाद हाथ में एक-एक केवाच के बीजों को लेकर उक्त मंत्र को पढ़ते हुए काली के चित्र के सामने चढ़ाते जाएं इस तरह 108 बार mantra जपते हुए केवाच के बीजों को चढ़ाना चाहिए ।


मंत्र जप पूर्ण होने पर उसी मंत्र से 11 बार अग्नि में आहुति देना जरूरी है और एक ब्राह्मण को भोजन कराएं तथा आप जितना दे सकते हैं दक्षिणा दीजिए।


मैं बता देता हूं मित्रों यह मंत्र सिद्ध होने के बाद किसी भी बुरे कर्म के लिए प्रयोग ना करें इससे उल्टा असर आप ही पर पढ़ सकते हैं इसलिए सावधान रहिए गलत जगह पर इस मंत्र का प्रयोग ना करें जहां मनुष्य के भला हो वहीं पर प्रयोग करना चाहिए अन्यथा यह परिणाम उल्टा भी हो सकता है ।

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