साल 2025 में सूर्य ग्रहण: जानिए भारत में तारीख, समय और सूतक काल की पूरी जानकारी
आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाओं को लेकर हम सभी के मन में एक खास तरह का कौतूहल और उत्साह रहता है। और जब बात सूर्य ग्रहण की हो, तो यह उत्साह दोगुना हो जाता है। यह न सिर्फ एक वैज्ञानिक घटना है, बल्कि इसका ज्योतिष और धार्मिक महत्व भी बहुत गहरा है।
अगर आप भी आने वाले साल में इस अद्भुत नज़ारे को देखने का इंतज़ार कर रहे हैं, तो आपके मन में यह सवाल ज़रूर होगा कि "साल 2025 में सूर्य ग्रह
ण कब है और क्या यह भारत में दिखाई देगा?"
तो चलिए, आपके सारे सवालों का जवाब देते हैं और जानते हैं 2025 के सूर्य ग्रहण की पूरी कहानी।
2025 में होंगे दो सूर्य ग्रहण
सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि साल 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं। लेकिन भारत में रहने वालों के लिए खुशखबरी यह है कि इनमें से एक ग्रहण हमारे देश में भी दिखाई देगा।
1. साल का पहला सूर्य ग्रहण (जो भारत में दिखाई देगा)
यह 2025 का सबसे महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, क्योंकि इसे भारत के कई हिस्सों से देखा जा सकेगा।
तारीख: शनिवार, 29 मार्च 2025
ग्रहण का प्रकार: यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse) होगा। इसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढकेगा, बल्कि उसके केवल एक हिस्से को ही अपनी छाया में लेगा।
भारत में समय और दृश्यता (Visibility):
यह ग्रहण भारत में शाम के समय दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार (IST), यह शाम को लगभग 04:49 बजे शुरू होगा और सूर्यास्त तक चलेगा। ग्रहण का अधिकतम प्रभाव शाम 05:48 बजे के आसपास देखने को मिलेगा।
कहां-कहां दिखेगा?
यह ग्रहण मुख्य रूप से भारत के पश्चिमी और उत्तरी भागों में बेहतर तरीके से दिखाई देगा। गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में लोग इस खगोलीय घटना को देख पाएंगे। वहीं, भारत के पूर्वी हिस्सों (जैसे बंगाल, बिहार, उत्तर-पूर्वी राज्य) में यह लगभग न के बराबर या बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि वहां ग्रहण शुरू होने से पहले ही सूर्यास्त हो जाएगा।
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा?
हाँ, क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। गर्भवती महिलाओं को भी इस दौरान खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, सूतक के सटीक समय और नियमों के लिए अपने स्थानीय पंडित या पंचांग से सलाह लेना सबसे अच्छा रहेगा।
2. साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (जो भारत में नहीं दिखेगा)
तारीख: 21 सितंबर 2025
ग्रहण का प्रकार: यह भी एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।
महत्वपूर्ण जानकारी: यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, न्यूजीलैंड और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में ही दिखेगा। क्योंकि यह भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए इसका कोई भी धार्मिक या ज्योतिषीय महत्व (जैसे सूतक काल) भारत में मान्य नहीं होगा।
सूर्य ग्रहण को कैसे देखें? (सुरक्षा सबसे ज़रूरी)
याद रखें, सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूर्य की किरणें आपकी आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
क्या न करें: साधारण धूप के चश्मे (Sunglasses), एक्स-रे फिल्म, या किसी काले शीशे का प्रयोग बिल्कुल न करें।
क्या करें: इसे देखने के लिए विशेष रूप से बनाए गए सोलर एक्लिप्स चश्मे (Solar Eclipse Glasses) या वेल्डर ग्लास नंबर 14 का ही उपयोग करें। सबसे सुरक्षित तरीका इसका प्रतिबिंब (projection) बनाकर देखना है, जैसे पिनहोल कैमरे के ज़रिए।
निष्कर्ष
तो तैयार हो जाइए, 29 मार्च 2025 की शाम को एक अद्भुत खगोलीय चमत्कार का गवाह बनने के लिए। यह एक ऐसा मौका है जब हम ब्रह्मांड की विशालता और उसकी सटीक गणनाओं को अपनी आंखों से देख सकते हैं। बस, पूरी सुरक्षा और सही जानकारी के साथ इस पल का आनंद लें।